Bihar And Orissa Public Demand Recovery Act 1914 Pdf In Hindi _best_ Jun 2026

Bihar and Orissa Public Demands Recovery Act, 1914

यदि किसी व्यक्ति पर कोई सार्वजनिक मांग बकाया है, तो प्रमाणपत्र अधिकारी के तहत एक प्रमाणपत्र (Certificate) दाखिल करता है, जिसमें स्पष्ट रूप से बकाया राशि का उल्लेख होता है। इसके बाद, धारा 6 और 7 के तहत देनदार को एक नोटिस जारी किया जाता है, जिसमें उसे बताया जाता है कि उस पर इतनी राशि बकाया है और उसे इस पर आपत्ति दर्ज कराने या राशि चुकाने का अवसर दिया जाता है。

बकायेदार की चल और अचल संपत्ति को कुर्क करना। Bihar and Orissa Public Demands Recovery Act, 1914

1. बिहार और उड़ीसा सार्वजनिक मांग वसूली अधिनियम, 1914 क्या है? (What is the PDR Act?)

Act 4 of 1914 * Published on 1 July 1914. * Commenced on 1 July 1914. * [This is the version of this document from 1 July 1914.] * Indian Kanoon bihar act 004 of 1914 : Public Demands Recovery Act, 1914 * Commenced on 1 July 1914

- इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने माना कि PDR एक्ट के तहत वसूली तभी मान्य होगी जब बकाया "सार्वजनिक देय" की परिभाषा में आता हो।

नोटिस मिलने के बाद बकायेदार धारा 9 के तहत अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है कि दावा की गई राशि गलत या अवैध है। Bihar and Orissa Public Demands Recovery Act, 1914

अधिनियम की मुख्य विशेषताएं